उर्दू शायरी · ग़ज़ल

zaKHmon se achchha ho jaun

ज़ख़्मों से अच्छा हो जाऊँ

زخموں سے اچھا ہو جاؤں

शायर: Umar Farhat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ज़ख़्मों से अच्छा हो जाऊँ
बात करूँ हल्का हो जाऊँ

काश मिरी क़ीमत बढ़ जाए
काश मैं कुछ महँगा हो जाऊँ

तेरे क़दमों पे सर रख दूँ
मैं दुनिया जैसा हो जाऊँ

आ जाऊँ उस की आँखों में
और मैं क्या से क्या हो जाऊँ

सब का असर 'फ़रहत' ले लूँ
मिट्टी का पुतला हो जाऊँ