उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aasman ho ke bhi zamin hona

आसमाँ हो के भी ज़मीं होना

آسماں ہو کے بھی زمیں ہونا

शायर: Umar Farhat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आसमाँ हो के भी ज़मीं होना
इक यही है तिरे क़रीं होना

सारी दुनिया पे हर्फ़ आएगा
इस क़दर भी न तुम हसीं होना

वाक़िआ' कुछ अजीब लगता है
तेरा आना मिरा कहीं होना

अच्छे वक़्तों की इक निशानी है
दोस्तों का बहुत नहीं होना

ख़ुश दिनों में तुम्हें ‘उमर-फ़रहत'
देखा जाता नहीं हज़ीं होना