उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aasman se utarta hua

आसमाँ से उतरता हुआ

آسماں سے اترتا ہوا

शायर: Umar Farhat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आसमाँ से उतरता हुआ
एक तारा बुझाया हुआ

आज भी रात की रानी के
तन से है नाग लिपटा हुआ

एक पत्ता किसी शाख़ से
टूट कर आज तन्हा हुआ

काग़ज़ी तन है उस का मगर
धूप में कब से झुलसा हुआ

पहला अक्षर तिरे नाम का
रौशनी से है लिक्खा हुआ