उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye zulmat ke dhaaron mein palti umiden

ये ज़ुल्मत के धारों में पलती उमीदें

یہ ظلمت کے دھاروں میں پلتی امیدیں

शायर: Nabiya Irfan4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये ज़ुल्मत के धारों में पलती उमीदें
बिखरती उमीदें सँभलती उमीदें

मिरी चश्म-ए-गिर्या है गहरा समुंदर
समुंदर की मौजें मचलती उमीदें

हूँ घायल परिंदा नज़र आसमाँ पर
हैं उड़ने की दिल में मचलती उमीदें

ये उम्मीद चाहत ये ख़्वाहिश ये हसरत
हैं दिल में बिखरती सँभलती उमीदें