उर्दू शायरी · ग़ज़ल

nazar mein udasi samai hui hai

नज़र में उदासी समाई हुई है

نظر میں اداسی سمائی ہوئی ہے

शायर: Nabiya Irfan5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नज़र में उदासी समाई हुई है
कि ये ज़िंदगी चोट खाई हुई है

बहुत दूर हम से है मंज़िल हमारी
मगर ज़ेहन-ओ-दिल पर ये छाई हुई है

ये दिल भी परेशाँ निगाहें हिरासाँ
मिरी ज़िंदगी भी सताई हुई है

है दिल में हमारे वो पहली मोहब्बत
ज़रा गर्द बस दिल पे छाई हुई है

तू है दूर क्यों अपने रब से 'नबिय्या'
क्यों दिल में ये दुनिया बसाई हुई है