उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye jo ek daera banaya hai

ये जो इक दायरा बनाया है

یہ جو اک دائرہ بنایا ہے

शायर: Umr Daraz Hashir6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये जो इक दायरा बनाया है
आगही का सिरा बनाया है

किस ने तन्हाइयों को क़ैद किया
किस ने ये आइना बनाया है

मैं ने लिक्खा है बादशाह को ख़त
और उस में दिया बनाया है

तुम से किस ने कहा था बहस करो
तुम ने ख़ुद मसअला बनाया है

जाने किस ख़ौफ़ के सबब उस ने
हम-सफ़र रास्ता बनाया है

उस ने आज अपने और मेरे लिए
एक कप चाय का बनाया है