उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye jo dikh raha hun main is qadar ujalon mein

ये जो दिख रहा हूँ मैं इस क़दर उजालों में

یہ جو دکھ رہا ہوں میں اس قدر اجالوں میں

शायर: Nadeem Najid5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये जो दिख रहा हूँ मैं इस क़दर उजालों में
गुफ़्तुगू बहुत की है आप से ख़यालों में

आप के हवाले से मुझ को याद पड़ता है
मैं कहाँ कहाँ पे था आप के हवालों में

आप गर चले आओ तो सभी को दिखलाऊँ
हो भला बयाँ कैसे ज़िंदगी मिसालों में

ख़्वाब के जज़ीरों से रोज़ फूल चुनता हूँ
रोज़ बाँट देता हूँ आने जाने वालों में

रंग ज़िंदगानी के करवटें बदलते हैं
आप ही के होंटों पर आप ही के गालों में