उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye duniya kis chakkar mein kho jati hai

ये दुनिया किस चक्कर में खो जाती है

یہ دنیا کس چکر میں کھو جاتی ہے

शायर: Umar Farhat4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये दुनिया किस चक्कर में खो जाती है
होने वाली बात तो बस हो जाती है

तेरे हक़ में मैं तन्हा रह जाता हूँ
सारी दुनिया एक तरफ़ हो जाती है

उस की याद के जुगनू जागते रहते हैं
मेरी आँख तो पल भर में सो जाती है

ख़ुद ही तमाशा बनता हूँ ख़ुद का 'फ़रहत'
ये ख़ामोशी क्या दिल में बो जाती है