उर्दू शायरी · ग़ज़ल

yahi dua hai yahi aarzu dikhai de

यही दु'आ है यही आरज़ू दिखाई दे

یہی دعا ہے یہی آرزو دکھائی دے

शायर: Yasmeen Moomal7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

यही दु'आ है यही आरज़ू दिखाई दे
हटे ये ख़ाक मुझे ख़ूब-रू दिखाई दे

बना के रक्खी है तस्वीर जो ख़यालों में
मैं चाहती हूँ कोई हू-ब-हू दिखाई दे

धड़कते दिल से सदा आ रही है बस इतनी
मैं आँख बंद करूँ और तू दिखाई दे

यही दु'आ है ख़ुदा से फ़लक के चाँद के बा'द
ज़मीं का चाँद मुझे रू-ब-रू दिखाई दे

न खेल पाएगा 'इज़्ज़त से खेलने वाला
अगर बहन की उसे आबरू दिखाई दे

नमाज़-ए-'इश्क़ अदा हो नहीं सकी अब तक
तुलू’-ए-शम्स की कुछ जुस्तुजू दिखाई दे

दु'आ ये करती ही रहती हूँ 'यासमीं' हर दम
जिसे मैं चाहूँ वही कू-ब-कू दिखाई दे