उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hazaron koshishen kin aazma kar

हज़ारों कोशिशें कीं आज़मा कर

ہزاروں کوششیں کیں آزما کر

शायर: Yasmeen Moomal6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हज़ारों कोशिशें कीं आज़मा कर
न जी पाई कभी तुम को भुला कर

बड़ी शाइस्तगी से दिल ये मेरा
चुराया तुम ने है नज़रें मिला कर

निगाहें ढूँढती रहतीं हैं तुम को
कहाँ गुम हो गए चेहरा दिखा कर

हमें तुम से मोहब्बत हो न जाए
हमें देखो न इतना मुस्कुरा कर

सुकूँ मिल जाएगा बेताब दिल को
कभी देखो तो सीने से लगा कर

रखेगी 'यासमीं' दिल में हमेशा
तुम्हें दुनिया की नज़रों से बचा कर