उर्दू शायरी · ग़ज़ल

yahi achchha hai jo is tarah miTae koi

यही अच्छा है जो इस तरह मिटाए कोई

یہی اچھا ہے جو اس طرح مٹائے کوئی

शायर: Aal-e-Raza Raza3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

यही अच्छा है जो इस तरह मिटाए कोई
आप भी फिर मुझे ढूँडे तो न पाए कोई

कौंदती बर्क़ न देती हो जहाँ फ़ुर्सत-ए-दीद
ताब क्या है जो वहाँ आँख उठाए कोई

बंदिशें इश्क़ में दुनिया से निराली देखें
दिल तड़प जाए मगर लब न हिलाए कोई