उर्दू शायरी · ग़ज़ल

darman mila to dard ka unwan badal gaya

दरमाँ मिला तो दर्द का उनवाँ बदल गया

درماں ملا تو درد کا عنواں بدل گیا

शायर: Aal-e-Raza Raza7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दरमाँ मिला तो दर्द का उनवाँ बदल गया
आया समझ में दर्द तो दरमाँ बदल गया

ऐसी भी क्या निगाह-ए-मोहब्बत से दुश्मनी
फूलों समेत रंग-ए-गुलिस्ताँ बदल गया

साहिल पे ला के टूटी हुई नाव फेंक दी
खा कर तरस इरादा-ए-तूफ़ाँ बदल गया

काफ़िर बना के कुफ़्र-नवाज़ी भी छोड़ दी
ईमान ले के दुश्मन-ए-ईमाँ बदल गया

महफ़िल में वो थे और मोहब्बत पे गुफ़्तुगू
पहुँचा जो मैं तो बात का उनवाँ बदल गया

आज़ाद कर रहे हैं ज़ियारत असीर की
किस के क़दम से आलम-ए-ज़िंदाँ बदल गया

तुम तो बदल सके न परेशानी-ए-ख़याल
हम को 'रज़ा' ख़याल-ए-परेशाँ बदल गया