उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo apne dil ko maine KHat likha tha na

वो अपने दिल को मैं ने ख़त लिखा था ना

وہ اپنے دل کو میں نے خط لکھا تھا نا

शायर: Parul Singh Noor5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो अपने दिल को मैं ने ख़त लिखा था ना
तू ही कहता था वो तेरा पता था ना

हुई थी कल छुवन महसूस गालों पर
मिरी तस्वीर को तुम ने छुआ था ना

वहीं पहली नज़र का प्यार हो बैठा
घड़ी में जब मिरा आँचल फँसा था ना

अगर ग़ुस्से में जाता लौट आता वो
नहीं लौटेगा मुस्का कर गया था ना

बहुत आसान था उन को जला देना
घरों में जिन में पहले से धुआँ था ना