उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kasar koi na chhoDi TuTne ka Dar banane mein

कसर कोई न छोड़ी टूटने का डर बनाने में

کسر کوئی نہ چھوڑی ٹوٹنے کا ڈر بنانے میں

शायर: Parul Singh Noor3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कसर कोई न छोड़ी टूटने का डर बनाने में
किसे फिर दोष दें हम अपना दिल पत्थर बनाने में

कभी नफ़रत नहीं शामिल हुआ करती अकेली ही
भरोसा चाहिए होता है इक ख़ंजर बनाने में

यक़ीं क़ुर्बानियाँ समझौते छत को थामे रखते हैं
न बस ईंटें लगा करती हैं घर को घर बनाने में