उर्दू शायरी · ग़ज़ल

qafile se alag chale hum log

क़ाफ़िले से अलग चले हम लोग

قافلے سے الگ چلے ہم لوگ

शायर: Vikas Sharma Raaz7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

क़ाफ़िले से अलग चले हम लोग
सुर्ख़ियों में बने रहे हम लोग

देखिए कब तलक रहेंगे साथ
एक से हैं मिज़ाज के हम लोग

सुब्ह क़ुर्बान तेरे चेहरे पर
रात कितने उदास थे हम लोग

जिन का सूझा न कुछ जवाब हमें
उन सवालों पे हँस दिए हम लोग

कितने तूफ़ान झेल जाते हैं
आब और ख़ाक से बने हम लोग

फिर कोई फ़ैसला न कर पाए
सैल-ए-इम्काँ में बह गए हम लोग

अब के हारे तो टूट जाएँगे
जीत जाएँ ख़ुदा करे हम लोग