उर्दू शायरी · ग़ज़ल

use kya bhala KHauf-e-tufan hoga

उसे क्या भला ख़ौफ़-ए-तूफ़ान होगा

اسے کیا بھلا خوف طوفان ہوگا

शायर: Ghaibi Jaunpuri7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उसे क्या भला ख़ौफ़-ए-तूफ़ान होगा
ख़ुदा जिस का यारो निगहबान होगा

वो इंसान क्या ख़ाक इंसान होगा
जो दर्द-ए-मोहब्बत से अंजान होगा

भरोसा करोगे जहाँ नाख़ुदा पर
वहीं डूब जाने का इम्कान होगा

ख़बर क्या थी जिस को समझते थे अपना
वही एक दिन दुश्मन-ए-जान होगा

मिरे घर को वीरान करने से पहले
समझ ले तिरा घर भी वीरान होगा

मुहाफ़िज़ जो था शहर में बुत-कदों का
सुना है वो काफ़िर मुसलमान होगा

दिलों में जो हो 'अज़्म-ए-मोहकम तो 'ग़ैबी'
हर इक कार-ए-दुश्वार आसान होगा