उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kaun samjhega aah-o-fughan kaun hai

कौन समझेगा आह-ओ-फ़ुग़ाँ कौन है

کون سمجھے گا آہ و فغاں کون ہے

शायर: Ghaibi Jaunpuri5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कौन समझेगा आह-ओ-फ़ुग़ाँ कौन है
इस चमन में मिरा हम-ज़बाँ कौन है

किस से उम्मीद-ए-दाद-ए-सुख़न मैं रखूँ
अहल-ए-फ़न में मिरा क़द्र-दाँ कौन है

जिस के भी हाथ आया निज़ाम-ए-चमन
सब ने लूटा चमन पासबाँ कौन है

मेरी आँखों से ख़ुद को तो देखो ज़रा
तुम से बढ़ कर हसीं और जवाँ कौन है

आप की कामयाबी पे 'ग़ैबी' यहाँ
शादमाँ हैं सभी बद-गुमाँ कौन है