उर्दू शायरी · ग़ज़ल

usne mujhse ghalat-bayani ki

उस ने मुझ से ग़लत-बयानी की

اس نے مجھ سے غلط بیانی کی

शायर: Kamal Hatvi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

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उस ने मुझ से ग़लत-बयानी की
ये अलामत भी है जवानी की

सिर्फ़ आँखें ही नम नहीं करता
और भी ख़ूबियाँ हैं पानी की

आप को नींद आ रही है क्या
इब्तिदा है अभी कहानी की

हाँ छुपा कर तो रख दिया लेकिन
कैसे ख़ुशबू मिटे निशानी की

लूटने में लगे रहे सारे
दिल पे जिस जिस ने हुक्मरानी की

आँसुओं को भी कर दिया नीलाम
आप ने ख़ूब मेहरबानी की