उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ek duniya hasin chahte hain

एक दुनिया हसीन चाहते हैं

ایک دنیا حسین چاہتے ہیں

शायर: Kamal Hatvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

एक दुनिया हसीन चाहते हैं
साँप अब आस्तीन चाहते हैं

रुख़्सती के लिए नहीं उठते
हाथ आरा मशीन चाहते हैं

छू नहीं सकते आसमाँ से तुझे
चाँद तारे ज़मीन चाहते हैं

तुम जुदा हो के लौट आओगे
हम यही तो यक़ीन चाहते हैं

मेरी ख़्वाहिश तो सिर्फ़ आप ही हैं
आप क्या बेहतरीन चाहते हैं