उर्दू शायरी · ग़ज़ल

chaara-sazi mariz ki kar lo

चारा-साज़ी मरीज़ की कर लो

چارہ سازی مریض کی کر لو

शायर: Kamal Hatvi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

चारा-साज़ी मरीज़ की कर लो
मत मिलो सिर्फ़ याद ही कर लो

दस्तख़त फिर कहाँ मिलेंगे मिरे
जो भी चाहो लिखा-पढ़ी कर लो

हम से तर्क-ए-वफ़ा नहीं होगा
आप ख़ुश हो तो आप ही कर लो

सस्ती मंदी निकाल दूँगा मैं
नाम अपने ये ज़िंदगी कर लो

राज़ कोई छुपा नहीं दिल में
तुम जहाँ चाहो रौशनी कर लो

चाक-दामन बहुत मिलेंगे यहाँ
कारोबार-ए-रफ़ू-गरी कर लो