उर्दू शायरी · ग़ज़ल

usne hathon mein jab le liya aaina

उस ने हाथों में जब ले लिया आइना

اس نے ہاتھوں میں جب لے لیا آئنہ

शायर: Danish Noorpuri9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस ने हाथों में जब ले लिया आइना
सामने आइने के हुआ आइना

उन के दस्त-ए-हुनर का ये ए'जाज़ है
एक पत्थर था मैं हो गया आइना

आइने की तरफ़ से वो गुज़रे थे बस
देर तक उन को तकता रहा आइना

हुस्न पर उस को अपने था इतना गुमाँ
ज़िंदगी भर बदलता रहा आइना

हाल-ए-दिल उस पे यूँ मुन्कशिफ़ हो गया
मेरा चेहरा ही जब हो गया आइना

ज़िंदगी का यही उन की 'उन्वान है
आइना आइना आइना आइना

झूट को झूट सच को जो सच कह दिया
संग-बारी की ज़द में रहा आइना

जो उठाते हैं तुम पर सदा उँगलियाँ
तुम भी उन को दिखा दो ज़रा आइना

'इश्क़-ओ-उल्फ़त की 'दानिश' ये मे'राज है
मैं तिरा आइना तू मिरा आइना