उर्दू शायरी · ग़ज़ल

uske lab par hai fusun dil mein riya-kari hai

उस के लब पर है फ़ुसूँ दिल में रिया-कारी है

اس کے لب پر ہے فسوں دل میں ریاکاری ہے

शायर: Aarib Hashmi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस के लब पर है फ़ुसूँ दिल में रिया-कारी है
ये मोहब्बत तो मोहब्बत की अदाकारी है

'ऐन मुमकिन है चराग़ों से मदद ली जाए
आज की रात सितारों पे बहुत भारी है

ये मिरी आँख का दरवाज़ा है ख़स्ता कितना
ये मिरे ख़्वाब की टूटी हुई अलमारी है

काश मुश्किल कोई आ'साब पे तारी होती
ये जो आसानी है मेरे लिए दुश्वारी है

जिस तरह दश्त में हो ठंडी हवा का झोंका
तुझ से मिलने पे 'अजब रूह में सरशारी है

मैं ने जब उस को बताया कि फ़िराक़ आएगा
तो मेरे दिल ने कहा आप की तय्यारी है

उस की बातों की महक ज़िंदा है दिल में 'आरिब'
उस के लहजे का फ़ुसूँ आज तलक तारी है