उर्दू शायरी · ग़ज़ल

uske chehre ko dekhta hun main

उस के चेहरे को देखता हूँ मैं

اس کے چہرے کو دیکھتا ہوں میں

शायर: Umar Farhat6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस के चेहरे को देखता हूँ मैं
और इक आह खींचता हूँ मैं

पढ़ता रहता हूँ अपने चेहरे को
कौन हूँ क्या हूँ सोचता हूँ मैं

अपने माज़ी की ख़स्ता गलियों में
उस की यादों से खेलता हूँ मैं

कितने पेड़ों ने मुझ को पूछा था
धूप से रोज़ पूछता हूँ मैं

तेरी तकमील हो गई लेकिन
अपना मलबा समेटता हूँ मैं

ऐ मिरे साहिल-ए-गुमान-ओ-यक़ीं
ले तिरा हाथ छोड़ता हूँ मैं