उर्दू शायरी · ग़ज़ल

uske bhi dil mein shayad Dar rahta hai

उस के भी दिल में शायद डर रहता है

اس کے بھی دل میں شاید ڈر رہتا ہے

शायर: Yasmeen Moomal7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस के भी दिल में शायद डर रहता है
जिस ज़ालिम के हाथ में ख़ंजर रहता है

कर आती हूँ तब तब जन्नत की मैं सैर
जब जब मेरा सज्दे में सर रहता है

होता है जिस घर में विर्द दरूदों का
रहमत के साए में वो घर रहता है

मेरा दिल वीरान करेगा क्या कोई
मेरे दिल में मेरा दिलबर रहता है

मिल जाती है जिस को दौलत ईमाँ की
दुनिया में वो मस्त-क़लंदर रहता है

छोटी नदियों की वक़'अत मत कम समझो
इन से ही आबाद समुंदर रहता है

'मोमल' इस को दिल में ढाल सलीक़े से
वर्ना तो पत्थर दिल पत्थर रहता है