उर्दू शायरी · ग़ज़ल

us ka lahja dekh raha tha barish hone wali thi

उस का लहजा देख रहा था बारिश होने वाली थी

اس کا لہجہ دیکھ رہا تھا بارش ہونے والی تھی

शायर: Danish Hayat4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस का लहजा देख रहा था बारिश होने वाली थी
बस इक मैं ही ख़ुश्क पड़ा था बाक़ी तो हरियाली थी

मैं नहीं कहता उस की जानिब देखने वाले कहते हैं
ज़हर उगलते होंट थे उस के सूरत देखने वाली थी

बा'ज़ औक़ात मैं हँस पड़ता हूँ हँसते हँसते रोता हूँ
तेरा मेरा रिश्ता जैसे एक मुसलसल गाली थी

लौटा तो मेरे आँगन में सब्ज़ा देखने वाला था
जिस पल मैं ने हाथ उठाए उस दम झोली ख़ाली थी