उर्दू शायरी · ग़ज़ल

us aastan se aur na din se puchhiye

उस आस्ताँ से और न दीं से पूछिए

اس آستاں سے اور نہ دیں سے پوچھئے

शायर: Vikas Sharma Raaz6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस आस्ताँ से और न दीं से पूछिए
जबीं झुकी थी क्यों जबीं से पूछिए

दु'आ की तरह याद हैं तमाम दुख
कहीं से बाँचिए कहीं से पूछिए

सवाल आप के तमाम हाँ से हैं
हुज़ूर इन्हें कभी नहीं से पूछिए

सहर को क्या पता सबा ने क्या कहा
ये बात शाख़-ए-यासमीं से पूछिए

हवा चली थी रात कैसी शहर में
हमें पता है सब हमीं से पूछिए

ये कह के आसमाँ ने बात ख़त्म की
ज़मीं की बात है ज़मीं से पूछिए