उर्दू शायरी · ग़ज़ल

un ke aane se badal jati hai surat meri

उन के आने से बदल जाती है सूरत मेरी

ان کے آنے سے بدل جاتی ہے صورت میری

शायर: Parveen Shaghaf5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उन के आने से बदल जाती है सूरत मेरी
एक आहट से ही बढ़ जाती है निकहत मेरी

कैसे बतलाऊँ के वो मर्मरी मूरत क्या है
पर्दा हटते ही बदल जाती है निय्यत मेरी

वो गुज़रती है मिरी ख़्वाब की गलियों से भी
वस्ल की रात में बढ़ जाती है उल्फ़त मेरी

पैकर-ए-हुस्न पे रक़्साँ है जवानी उस की
चाँदनी शब में निखर जाती है नुदरत मेरी

जब कभी नाज़नीं की पड़ती है दुज़्दीदा नज़र
तब 'शग़फ़' आप ही बढ़ जाती है शोहरत मेरी