उर्दू शायरी · ग़ज़ल

umr kar-e-jahan se guzri hai

उम्र कार-ए-जहाँ से गुज़री है

عمر کار جہاں سے گزری ہے

शायर: Kaifi Chirayyakoti7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उम्र कार-ए-जहाँ से गुज़री है
गर्दिश-ए-आसमाँ से गुज़री है

देखता हूँ शबाब को मुड़ कर
ज़िंदगानी यहाँ से गुज़री है

दिल की रूदाद कैफ़ का आलम
दास्ताँ दास्ताँ से गुज़री है

रात बे-जाम-ओ-ख़ोशा-ए-अंगूर
उफ़ नज़र कहकशाँ से गुज़री है

ज़िंदगानी-ए-काहिश-ए-उम्मीद
मेरी उम्र-ए-रवाँ से गुज़री है

ये हुआ है कि अब मिरी उम्मीद
दिल में है राह-ए-जाँ से गुज़री है

बे-ख़ुदी के करम से ऐ 'कैफ़ी'
ख़ूब पीर-ए-मुग़ाँ से गुज़री है