उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tu hi tu hai jidhar gaya hun main

तू ही तू है जिधर गया हूँ मैं

تو ہی تو ہے جدھر گیا ہوں میں

शायर: Lokesh Tripathi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तू ही तू है जिधर गया हूँ मैं
मौत अब तुझ से डर गया हूँ मैं

हादिसा हो गया है इक ऐसा
ज़िंदा रह कर भी मर गया हूँ मैं

मुझ से बस दर्द ही छलकता है
दर्द से इतना भर गया हूँ मैं

जाने कैसे निभा मैं पाऊँगा
उस से वा'दा तो कर गया हूँ मैं

यूँ तो पूजा का फूल हूँ लेकिन
रास्ते में बिखर गया हूँ मैं