उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ek misri ki miThi Dali yaad hai

एक मिस्री की मीठी डली याद है

ایک مصری کی میٹھی ڈلی یاد ہے

शायर: Lokesh Tripathi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

एक मिस्री की मीठी डली याद है
उस कली के ही जैसी कली याद है

नक़्श अब ठीक से है उभरता नहीं
आँख केवल वो आधी खुली याद है

उस से गुज़रे हुए एक 'अर्सा हुआ
पर वो संकरी सी छोटी गली याद है

धमकियाँ ख़ूब दीं फब्तियाँ भी कसीं
दुनिया वालों की वो बुज़दिली याद है

जब किसी ने कहा ध्यान अपना रखो
तब कमी तेरी कितनी खली याद है