उर्दू शायरी · ग़ज़ल

adhure hain mere sapne adhure tere wade hain

अधूरे हैं मिरे सपने अधूरे तेरे वा'दे हैं

ادھورے ہیں مرے سپنے ادھورے تیرے وعدے ہیں

शायर: Lokesh Tripathi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अधूरे हैं मिरे सपने अधूरे तेरे वा'दे हैं
मिरी तक़दीर में शायद दिलासे ही दिलासे हैं

कमाने और गँवाने में बचा पाया हूँ बस इतना
हमारे घर पुराने दोस्त देखो अब भी आते हैं

छुपा लेते हैं अपनी आँख के आँसू क़रीने से
कुरेदे जाने पर ही दर्द हम अपना बताते हैं

निकल भागा हो मुजरिम जैसे कोई क़ैद-ख़ाने से
वो रातों-रात मेरे दिल को ऐसे तोड़ भागे हैं

ज़रा सा भी नहीं बदला वही 'लोकेश' अब भी है
वही है हौसला अपना वही पक्के इरादे हैं