उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tumhaare hi ishaaron par chalenge

तुम्हारे ही इशारों पर चलेंगे

تمہارے ہی اشاروں پر چلیں گے

शायर: Aarib Hashmi8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुम्हारे ही इशारों पर चलेंगे
कहो तो हम सितारों पर चलेंगे

ख़ुदा के नाम पर मैं सच कहूँ तो
जो आरे दुनिया-दारों पर चलेंगे

कभी सोचा नहीं था हम ने ऐसा
वबा के दिन बहारों पर चलेंगे

अगर तुम साथ चल पाओ तो आओ
मगर दरिया के धारों पर चलेंगे

रुको तो सुर्ख़ वादी में रुकें हम
चलो तो लाला-ज़ारों पर चलेंगे

मगर हम दोस्त होते थे न पहले
तो क्या ये तीर सारों पर चलेंगे

यहाँ अल्फ़ाज़ की वक़अत नहीं है
ज़माने अब इशारों पर चलेंगे

भँवर में हम थे जिन के साथ 'आरिब'
वो कहते थे किनारों पर चलेंगे