उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tera chehra agar utra hua hai

तिरा चेहरा अगर उतरा हुआ है

ترا چہرا اگر اترا ہوا ہے

शायर: Danish Hayat6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तिरा चेहरा अगर उतरा हुआ है
यहाँ पर कुछ है जो ओछा हुआ है

तुम्हारे रेशमी आँचल का धागा
हमारे हाथ से उलझा हुआ है

उदासी पेड़ पर यूँही नहीं है
परिंदों से कहीं झगड़ा हुआ है

किसी ता'वीज़ की सूरत वो वा'दा
हमारे हाथ पर बाँधा हुआ है

फ़क़त इक दिल पे मत आँसू बहाओ
बहुत कुछ जिस्म में टूटा हुआ है

सुधरने का मुझे तुम कह रहे हो
कोई टेढ़ा कभी सीधा हुआ है