उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tere bikhre hue lafzon ki kahani likh dun

तेरे बिखरे हुए लफ़्ज़ों की कहानी लिख दूँ

تیرے بکھرے ہوئے لفظوں کی کہانی لکھ دوں

शायर: Parveen Shaghaf6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तेरे बिखरे हुए लफ़्ज़ों की कहानी लिख दूँ
अपनी ग़ज़लों में मैं तेरी ही जवानी लिख दूँ

चश्म-ए-आहू की क़सम रोने से दुखता है दिल
तेरी पलकों पे मैं हर शाम सुहानी लिख दूँ

चाँद साहिल पे उतर आया शब-ए-फ़ुर्क़त में
नाम इस के मैं समुंदर की रवानी लिख दूँ

रौशनाई है लगी रंग-ए-हिना रहने दो
ख़ामा-फ़रसाई में दुनिया ये लुभानी लिख दूँ

आज कश्ती ने भी पहना है नया जोड़ा फिर
नाम सहरा के ही अब दरिया का पानी लिख दूँ

ख़ैर तारों से मुलाक़ातें तो होती रहतीं
इस क़बीले में कोई उस की निशानी लिख दूँ