उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sun ke mere ishq ki rudad ko

सुन के मेरे इश्क़ की रूदाद को

سن کے میرے عشق کی روداد کو

शायर: Hafeez Jaunpuri7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सुन के मेरे इश्क़ की रूदाद को
लोग भूले क़ैस को फ़रहाद को

ऐ निगाह-ए-यास हो तेरा बुरा
तू ने तड़पा ही दिया जल्लाद को

बाद मेरे उठ गई क़द्र-ए-सितम
अब तरसते हैं हसीं बेदाद को

इक ज़रा झूटी तसल्ली ही सही
कुछ तो समझा दो दिल-ए-नाशाद को

हाए ये दर्द-ए-जिगर किस से कहूँ
कौन सुनता है मिरी फ़रियाद को

जाएँगे दुनिया से सब कुछ छोड़ कर
हाँ मगर ले कर किसी की याद को

अब मुझे मानें न मानें ऐ 'हफ़ीज़'
मानते हैं सब मिरे उस्ताद को