उर्दू शायरी · ग़ज़ल

siyah chadar mein lipTa hai

सियह चादर में लिपटा है

سیہ چادر میں لپٹا ہے

शायर: Umar Farhat4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सियह चादर में लिपटा है
फ़लक से चाँद उतरा है

नदी में डूबता सूरज
कई दिन से पिघलता है

तुम्हारी ज़ात की छत पर
कोई रस्सी से लटका है

जगाओ मत उसे 'फ़रहत'
ये उल्लू शब का जागा है