उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sahra-nawardiyon ke ewaz ghar diya gaya

सहरा-नवर्दियों के 'एवज़ घर दिया गया

صحرا نوردیوں کے عوض گھر دیا گیا

शायर: Vikram6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सहरा-नवर्दियों के 'एवज़ घर दिया गया
प्यासी नदी को ख़ारा समुंदर दिया गया

बस लम्स भर जहान दिखाया गया हमें
दुनिया का ज़ाइक़ा भी निगह-भर दिया गया

उस को ज़रा सा शक था मोहब्बत का और बस
इस ओर से यक़ीन बराबर दिया गया

हम काफ़िरों ने उस को ख़ुदा ही बना लिया
जो शख़्स भी बराए-पयम्बर दिया गया

जिन को मिली उमीद ख़ुदा वाले हो गए
मुनकिर हुए वो जिन को फ़क़त डर दिया गया

हम को सज़ा-ए-नक़्ल-ए-मकानी तो दी मगर
दीवार-ओ-दर को रख़्त-ए-सफ़र कर दिया गया