उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sad-mubarak ho tumhi ko ye tumhaari duniya

सद-मुबारक हो तुम्ही को ये तुम्हारी दुनिया

صد مبارک ہو تمہی کو یہ تمہاری دنیا

शायर: Saadi Gilani6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सद-मुबारक हो तुम्ही को ये तुम्हारी दुनिया
रंज-ओ-नफ़रत से भरी प्यार से 'आरी दुनिया

हम से तक़दीर के मारों का न सोचा तुम ने
सिर्फ़ अपनी ही सँवारी जो सँवारी दुनिया

आप मुंसिफ़ हैं तो इंसाफ़ से ख़ुद ही कह दें
क्या कभी ऐसी भी होती थी हमारी दुनिया

नज़्म-ए-'आलम हुआ बरहम जो बिखेरीं ज़ुल्फ़ें
और गेसू जो सँवारे तो सँवारी दुनिया

कुछ त'अल्लुक़ तो हमें भी है उसी सुल्ताँ से
दर पे आती है जहाँ बन के भिकारी दुनिया

अब कि बैठे हैं तसव्वुर में जो उन के 'सा'दी'
हम ने दीवार पे दे मारी है सारी दुनिया