उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aankh hai apni roi roi

आँख है अपनी रोई रोई

آنکھ ہے اپنی روئی روئی

शायर: Saadi Gilani5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आँख है अपनी रोई रोई
क़िस्मत है कि सोई सोई

हाल हमारा सब देखे हैं
समझे लेकिन कोई कोई

किस की ये तस्वीर है जाने
अश्कों से है धोई धोई

पहचानें दीवाना अपना
किस की आँखें खोई खोई

सब को सब ही देखें 'सा'दी'
ख़ुद को देखे कोई कोई