उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sabhi ko rasta bata diya gaya

सभी को रास्ता बता दिया गया

سبھی کو راستہ بتا دیا گیا

शायर: Vikas Sharma Raaz6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सभी को रास्ता बता दिया गया
यूँ मंज़िलों का क़द घटा दिया गया

दरख़्त हैं यहाँ न आब-जू कोई
ये ख़ेमा किस जगह लगा दिया गया

हम अपने दरमियाँ से उठ खड़े हुए
नए दुखों को रास्ता दिया गया

तमाम 'उम्र शब से फ़ासले रहे
शुरू' दिन से डर बिठा दिया गया

हम अपनी धुन में मस्त एक रूह थे
हमें बदन से क्यों मिला दिया गया

हमीं थे हर्फ़-ए-एहतिजाज इस लिए
हमें किताब से हटा दिया गया