उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sab to hain aas-pas duniya mein

सब तो हैं आस-पास दुनिया में

سب تو ہیں آس پاس دنیا میں

शायर: Deepak Kamil6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सब तो हैं आस-पास दुनिया में
क्यों हैं फिर भी उदास दुनिया में

उन के दुख का हिसाब मुश्किल है
जो भी हैं ग़म-शनास दुनिया में

बड़ी फ़िक्र-ए-लिबास है उन को
जो भी हैं बे-लिबास दुनिया में

ख़ूब-सूरत जहाँ में क्यों हम को
हम ही आए न रास दुनिया में

ये घनी तीरगी बताती है
जल्द होगा उजास दुनिया में

पास दरिया है सब के पर 'कामिल'
किस की बुझती है प्यास दुनिया में