उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kasmasati taDphaDati zindagi ke sath hain

कसमसाती तड़फड़ाती ज़िंदगी के साथ हैं

کسمساتی تڑپھڑاتی زندگی کے ساتھ ہیں

शायर: Deepak Kamil5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कसमसाती तड़फड़ाती ज़िंदगी के साथ हैं
फिर भी देखो लब हमारे ख़ामोशी के साथ हैं

पूछता कोई जो हम से तो बताते हम उसे
क्यों भला हम ही ख़ुशी से ना-ख़ुशी के साथ हैं

दाद दीजे हौसले की और हमारे ज़ब्त की
ज़िंदगी को जान कर भी ज़िंदगी के साथ हैं

हाल अपना क्या सुनाएँ तुम फ़क़त ये जान लो
रौशनी के शह्र से हैं तीरगी के साथ हैं

ज़ख़्म देने वाले कोई चाँद से आते नहीं
वो यहीं मौजूद हैं और आप ही के साथ हैं