उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sare aalam ka yahi arman hona chahiye

सारे आलम का यही अरमान होना चाहिए

سارے عالم کا یہی ارمان ہونا چاہئے

शायर: Aadil Farhat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सारे आलम का यही अरमान होना चाहिए
तू नहीं तो ये जहाँ वीरान होना चाहिए

इश्क़ में बस फ़ाएदे अच्छे नहीं होते जनाब
इश्क़ में थोड़ा बहुत नुक़्सान होना चाहिए

जिस्म को आग़ोश में लेते हो पर सोचा कभी
रूह का भी कुछ सर-ओ-सामान होना चाहिए

इस दग़ा-बाज़ी को कब तक इश्क़ में सहते रहें
बेवफ़ाई का भी कुछ इम्कान होना चाहिए

अब कि इक महबूब ऐसा ढूँडिए 'फ़रहत' कि जो
ख़ूबसूरत हो न हो नादान होना चाहिए