उर्दू शायरी · ग़ज़ल

rah viran wadiyan tanha

राह वीरान वादियाँ तन्हा

راہ ویران وادیاں تنہا

शायर: Chandrakant Rawat6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

राह वीरान वादियाँ तन्हा
दिल ये भटका यहाँ वहाँ तन्हा

छोड़ने वाले छोड़ जाएँगे
लाख रोकेगा आशियाँ तन्हा

आप गर दूर हम से जाएँगे
जी न पाएँगे हम यहाँ तन्हा

अपने नज़दीक सब अकेले हैं
सब का अपना है इक जहाँ तन्हा

गुम-शुदा राहें लापता मंज़िल
रुकता चलता है कारवाँ तन्हा

ज़िंदगी किस तरह गुज़ारेंगे
ख़ुशियाँ तन्हा उदासियाँ तन्हा