उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ek teri taswir mehr-o-mah hai

इक तिरी तस्वीर मेहर-ओ-माह है

اک تری تصویر مہر و ماہ ہے

शायर: Chandrakant Rawat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इक तिरी तस्वीर मेहर-ओ-माह है
सारी दुनिया तेरी जल्वा-गाह है

हैं ख़लाओं में निशान-ए-पा तिरे
सारा 'आलम मेरी सज्दा-गाह है

सू-ए-मंज़िल हैं बहुत राहें मगर
सब से दिलकश हाए तेरी राह है

तू भी तो मौजूद रहता है यहाँ
मैं ये समझा मेरी ख़ल्वत-गाह है

ज़ेहन में क्या है तुझे मैं क्या कहूँ
तू मिरी हर चाह से आगाह है