उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hamein mushkilon mein jo Dale bhi tu

हमें मुश्किलों में जो डाले भी तू

ہمیں مشکلوں میں جو ڈالے بھی تو

शायर: Chandrakant Rawat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हमें मुश्किलों में जो डाले भी तू
तो फिर मुश्किलों से निकाले भी तू

तिरा खेल क्या है तुझी को पता
गिराए भी तू है सँभाले भी तू

कभी आ के हाथों से मय छीन ले
कभी रख दे होंटों पे प्याले भी तू

है तू ही समंदर तू ही आसमाँ
डुबोए भी तू है उछाले भी तू

'अजब हैं ख़ुदा योजनाएँ तिरी
बलाएँ भी दे उन को टाले भी तू