उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jaan lega KHudi ko gar sadhu

जान लेगा ख़ुदी को गर साधू

جان لے گا خودی کو گر سادھو

शायर: Chandrakant Rawat6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जान लेगा ख़ुदी को गर साधू
पाएगा तू ख़ुदा का घर साधू

तेरी मुट्ठी में आसमाँ होगा
फ़त्ह तू अपने दिल पे कर साधू

अपनी हस्ती को इख़्तियार में रख
काम आसाँ नहीं मगर साधू

हाथ आ कर भी छूट जाएगी
चीज़ पे झपटेगा अगर साधू

देखने भर का एक मेला है
देख ले और जा गुज़र साधू

अपनी मंज़िल का रास्ता बन जा
जान ले जाना है किधर साधू