उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dosto ummid hai aisa zamana aaega

दोस्तो उम्मीद है ऐसा ज़माना आएगा

دوستو امید ہے ایسا زمانہ آئے گا

शायर: Chandrakant Rawat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दोस्तो उम्मीद है ऐसा ज़माना आएगा
सब के हिस्सों में जब इक इक आशियाना आएगा

आज पतझड़ कल बहाराँ मौसमों की गश्त है
ऐ गुल-ए-मायूस मौसम फिर सुहाना आएगा

जिन की नज़रों में हैं शो'ला जिन के सीनों में जलन
उन के होंटों पर मोहब्बत का तराना आएगा

साक़ी और मय-ख़्वार के किरदार बदला कीजिए
सब को पीना आएगा सब को पिलाना आएगा

काम को ईमान से अंजाम देता चल बशर
जाने किस सूरत में तेरा मेहनताना आएगा