उर्दू शायरी · ग़ज़ल

rah ke kanTe agar josh mein hain

राह के काँटे अगर जोश में हैं

راہ کے کانٹے اگر جوش میں ہیں

शायर: Vikas Sharma Raaz4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

राह के काँटे अगर जोश में हैं
पाँव अपने भी तो पा-पोश में हैं

कोई हलचल ही नहीं पानी में
डूबने वाले मगर जोश में हैं

रात है हिज्र की सालाना रात
और हम नींद की आग़ोश में हैं

दाख़िला मन' है रंगों का जहाँ
हम उसी शह्र-ए-सियह-पोश में हैं