उर्दू शायरी · ग़ज़ल

pahle dil tham lijiye sahab

पहले दिल थाम लीजिए साहब

پہلے دل تھام لیجیے صاحب

शायर: Kamal Ahmad Siddiqi8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पहले दिल थाम लीजिए साहब
फिर मिरा नाम लीजिए साहब

मय-ए-गुलफ़ाम लीजिए साहब
जाम पर जाम लीजिए साहब

ये हसीं शाम हम ने कर दी है
आप के नाम लीजिए साहब

चुभ न जाए कहीं बग़ल में छुरी
राम का नाम लीजिए साहब

बे-क़रारी सी बे-क़रारी है
मेरा दिल थाम लीजिए साहब

इस ने हम को बहुत ख़राब किया
दिल का मत नाम लीजिए साहब

'इश्क़ या बेवफ़ाई अपने सर
कुछ तो इल्ज़ाम लीजिए साहब

बेवफ़ा पर 'कमाल' मरते हैं
'अक़्ल से काम लीजिए साहब